TY - BOOK AU - Chaturjya,Sunitikumar AU - Aatmaram Jajodiya AU - Udaynarayan Tiwari AU - Mahadev Saha TI - Bhartiya aryabhasha aur hindi | : भारतीय आर्यभाषा और हिंदी / by SN - 9788126709335 U1 - 491.4309 T20 PY - 2020/// CY - New Delhi: PB - Rajkamal, KW - Hindi language—Origin KW - Indo-Aryan languages—Origin KW - Language- India KW - Comparative linguistics—Indo-Aryan KW - Historical linguistics—India KW - Hindi N1 - भारत सरकार द्वारा यह पुस्तक पुरस्कृत हो चुकी है। N2 - ‘भारतीय आर्यभाषा और हिन्दी’ में प्रख्यात भाषाविद् डॉ. सुनीतिकुमार चाटुर्ज्या के वे अत्यन्त महत्त्वपूर्ण भाषण संकलित हैं, जो उन्होंने 1940 ई. में ‘गुजरात वर्नाक्यूलर सोसाइटी’ के आमंत्रण पर दिए थे। इन भाषणों के विषय थे : (1) ‘भारतवर्ष में आर्यभाषा का विकास’ और (2) ‘नूतन आर्य अन्त:प्रादेशिक भाषा हिन्दी का विकास’ अर्थात् राष्ट्रभाषा के रूप में हिन्दी का विकास। जनवरी 1942 में सुनीति बाबू ने इन भाषणों को संशोधित और परिवर्धित करके पुस्तक रूप में प्रकाशित कराया था। 1960 में दूसरे संस्करण के लिए उन्होंने फिर इसे पूरी तरह संशोधित किया। इसमें कुछ अंश नए जोड़े और कुछ बातों पर पहले के दृष्टिकोण में संपरिवर्तन किया। इस प्रकार पुस्तक ने जो रूप लिया, वह आज पाठकों के सामने है, और भारत में ही नहीं विदेश में भी यह अपने विषय की एक अत्यन्त प्रामाणिक पुस्तक मानी जाती है। ER -